ये दिल्ली का बाजार मा, पैसों का बुखार मा

By / 3 years ago / Garhwali Kavita / No Comments

ये दिल्ली का बाजार मा
पैसों का बुखार मा

कुड़ी पुंगड़ी छोड़ के
बैठयां छो उडियार मा
किराया कु कमरमा
न जिंगला न गुठियार च
गैरों की भीड़ मा

न गाँव वालों की बहार च
न दगड्यों की भीड़ च
न मच्छों कु ठुंगार च
न टिचरी कु पव्वा च
न देशी की बहार च
मतलबी छिन लोग इख
यकुली छो परिवार मा

न ब्वेई बाबा कु दुलार च
न भे बन्दों कु प्यार च
सगोडा पतोडा छुडणा की
सजा मिलणी आज
खेती बड़ी छोड़ी की
रकरयादूँ छो बाजार मा
रूखी सुखी खान्दु छो
आम का आचार मा

ये दिल्ली का बाजार मा

New Tehri

Just started to promote our city New Tehri Garhwal & its culture, activities and many more interesting facts about Tehri Garhwal. Hope You Will Like My Work & Support

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked. *